आइए बाल विवाह को रोकें, बच्चों का सुनहरा भविष्य सँवारें!
जागरूकता, प्रेरणा और सामुदायिक सहभागिता
श्री विष्णु देव साय
माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
माननीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण
विभाग
श्री ओ.पी. चौधरी
माननीय मंत्री, वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण योजना, आर्थिक एवं
सांख्यिकी विभाग
अभियान के तहत 140 बाल विवाह रोके गए
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह, बाल विवाह की श्रेणी में आता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा बाल विवाह करना, करवाना या बाल विवाह में किसी भी तरह से सहयोग करना दंडनीय अपराध है।
अभियान के प्रमुख घटक:
सामाजिक जागरूकता एवं गतिशीलता (सोशल मोबिलाइजेशन)
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के विषय में जागरूकता बढ़ाना
मीडिया संवेदीकरण (मीडिया सेंसिटाइजेशन)
किशोर सशक्तिकरण (एडोलोसेंट इम्पावरमेंट)
छोटे-छोटे उपाय से ही बड़े बदलाव आते हैं। हमें बच्चों, समाज और देश को नुकसान पहुँचाने वाली बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आवाज उठाने की जरुरत है। हम सभी मिलकर बच्चों को इस सामाजिक बुराई से बचा सकते हैं।
गतिविधि हुई
लोगों तक जागरूकता
बाल विवाह रोके गए
मैं, सत्य निष्ठापूर्वक शपथ लेता / लेती हूँ कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह नहीं करूंगा / करूंगी।
मैं ऐसे किसी भी आयोजन में शामिल नहीं रहूंगा / रहूंगी, जहां बाल विवाह के रूप में अपराध किया जा रहा हो।
समाज में बाल विवाह के रूप में व्याप्त बुराई का सदैव विरोध करूंगा / करूंगी।
मैं, बाल विवाह होने पर इसकी सूचना तुरंत पंचायत एवं सम्बंधित विभाग एवं अधिकारी को दूंगा / दूंगी।
मैं, प्रण लेता / लेती हूँ कि छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में आम जनों को जागरूक करते हुए पूरी ईमानदारी से हर संभव प्रयास कर करूंगा / करूंगी।
बाल विवाह की जानकारी होने पर आप टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करके इसकी सूचना दे सकते हैं। यह बच्चों की सहायता हेतु समर्पित नंबर है जो तत्काल मदद सुनिश्चित करता है।
बाल विवाह की सूचना टोल फ्री नंबर ERS 112 पर भी दी जा सकती है। यह पुलिस सहायता सेवा बाल विवाह रोकने में मददगार साबित होगी।
महिला हेल्पलाइन 181 महिलाओं की सुरक्षा हेतु समर्पित है। हिंसा या अपराध की स्थिति में इस सेवा के माध्यम से सहायता प्राप्त करें।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए जुटे व्यक्तियों की कहानियाँ
छत्तीसगढ़ का बालोद जिला अब देश का पहला बाल विवाह-मुक्त जिला बन गया है. राज्य सरकार ने 436 ग्राम पंचायतों और 9 शहरी निकायों को औपचारिक प्रमाणपत्र देकर इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बना दिया. मुख्यमंत्री विष्णु...